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Friday, 29 September 2017

गणतंत्र दिवस के बारे मे

गणतंत्र दिवस: आज हम आपको 26 जनवरी यानि Republic Day


1. भारत के तीन अवकाशों में से एक 26 जनवरी को हर साल हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में इसलिए भी चुना गया क्योकिं 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। 1950 में इसी दिन 10:18 मिनट पर भारतीय संविधान लागू किया गया था। और इसके 6 मिनट बाद भारत के पहले राष्ट्रपति डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाऊस में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

2. भारतीय संविधान पूरी तरह से हाथ से लिखा गया था, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में है. हाथ से लिखी गई सविधान की असली काॅपी को हिलियम से भरे बक्शों में संसद भवन की लाइब्रेरी में रखा गया है।

3. गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति राजपथ पर तिरंगा फहराते है और प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पर देश की आजादी में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रृद्धाजंलि देते है।

4. 1950 से लेकर 1954 तक गणतंत्र दिवस की परेड के लिए कोई जगह फिक्स नही थी। कभी इर्विन स्टेडियम, किंग्सवे, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में गणतंत्र दिवस मनाया जाता था। फिर 1955 में परेड के लिए राजपथ फिक्स कर दिया गया।

5. परेड के दौरान राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है. दरअसल, ये सलामी भारतीय सेना की 7 तोपों से दी जाती है. ये तोपें 1941 में बनाई गई थी. राष्ट्रगान शुरू होते ही पहली सलामी और फिर 52 सेकंड बाद आखिरी सलामी दी जाती है।

6. राजपथ पर हर झांकी 5KM/H की बहुत धीमी रफ्तार से चलती है ताकि देखने वाले अच्छी तरह से देख सके. झांकी के आगे चलने वाला सिपाही संगीत की ताल पर मार्च करता है और झांकी का ड्राइवर छोटी सी खिड़की से उसे देखता रहता है।

7. हर साल 26 जनवरी पर किसी न किसी देश को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। पहले गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बने थे “इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णों”।

8. हर साल Republic Day की परेड के अंत में “Abide With Me” नाम का Christian song बजाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये महात्मा गांधी का पसंदीदा गाना था।

9. गणतंत्र दिवस समारोह, समय की पूरी पाबंदी के साथ मनाया जाता है, हर सेकंड का हिसाब किया जाता है. मतलब, यदि समारोह 1 मिनट की देरी से शुरू हुआ है तो 1 मिनट की देरी से ही खत्म होगा।

10. शायद आपको ना पता हो, कि गणतंत्र दिवस समारोह 3 दिन तक चलता है. 29 जनवरी को विजय चौक पर “Beating Retreat Ceremony” का आयोजन करके गणतंत्र दिवस का समापन किया जाता है।

राजीव गांधी के बारे मे


आज हम बात करेगे एक ऐसे शख़्स की जो सबसे कम उम्र का प्रधानमंत्री बना लेकिन उतनी ही जल्दी मर भी गया. जिसने आज की जरूरतों को बहुत पहले समझ लिया था. जी, हम बात कर रहे है राजीव गांधी की. Let’s begin…

1. राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ. इनका नाम राजीव इसलिए रखा गया क्योकिं नेहरू की पत्नी का नाम था कमला. और राजीव का मतलब होता है कमल. कमला की यादें ताजी बनी रहे इसलिए नेहरू ने इनका नाम राजीव रखा।

2. बचपन में राजीव गांधी ने खेल-खेल में महात्मा गांधी के पैरों में फूल चढ़ा दिए तो महात्मा गांधी ने कहा बेटा ऐसा किसी की मृत्यु होने पर करते है. संयोग देखिए, अगले ही दिन गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई।

3. राजीव गांधी हायर एजुकेशन के लिए लंदन गए. यहाँ उन्होनें एक के बाद एक दो काॅलेज में एडमिशन लिया. लेकिन दोनों जगह किसी न किसी कारण से पढ़ाई पूरी न कर सके।

4. लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए राजीव की मुलाकात एक लड़की से हुई जो इटली की रहने वाली थी और नाम था एडविग एन्टोनिया एल्बीना माइनो. यही वो लड़की है जो शादी के बाद सोनिया गांधी बनकर भारत आई. भारत आने के बाद सोनिया गांधी दिल्ली में अमिताभ बच्चन के घर रही थी।

5. सोनिया गांधी कैम्ब्रिज़ यूनिवर्सिटी में पढ़ती जरूर थी लेकिन पैसों के लिए एक रेस्टोरेंट में वेटर का काम भी करती थी।

6. राजीव गांधी पेशे से पायलट थे उन्होनें एयर इंडिया में नौकरी भी की. लेकिन बाद में दबाव बनाने के बाद राजनीति में आए. ये दबाव माँ इंदिरा ने 1980 में संजय गांधी की मौत के बाद बनाया था।

7. माँ इंदिरा की मौत के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की सबसे बड़ी जीत हासिल की थी. 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने 533 में से 404 सीट हासिल की। इसी जीत के साथ राजीव गांधी भारत के 7th प्रधानमंत्री बन गए।

8. राजीव गाँधी को टेक्नोलाॅजी से बहुत प्यार था. इनके कार्यकाल के दौरान ही MTNL का गठन हुआ था।

9. 21 मई 1991, रात 10 बजकर 15 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में लिट्टे के मानव बम ने राजीव गाँधी को मार दिया।

10. राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन दोनों खास़ दोस्त थे. राजीव की मृत्यु के दिन अमिताभ बच्चन और राहुल गाँधी अमेरिका में थे. दोनों एक ही प्लेन से भारत आए थे।

11. राजीव गाँधी की मौत की फुल तैयारी हुई थी जैसे परेड की रिहर्सल होती है ना, वैसे ही लिट्टे की धनु ने भी 12 मई 1991 को रैली को संबोधित करने आए पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल के नेता वी.पी. सिँह के पैर छुए थे. ठीक उसी तरह जैसे 9 दिन बाद राजीव गाँधी के छुए थे. ये सब रिहर्सल के तौर पर किया गया था. फर्क बस इतना था कि कुर्ते के नीचे बम नही था।

12. Q. लिट्टे की राजीव गाँधी से क्या दुश्मनी थी ?
Ans. श्रीलंका में गृहयुद्ध चल रहा था तो राजीव गाँधी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति जे आर जयवर्धने के साथ एक समझौता किया था यानि एक जुबान दी थी. अपने कहे अनुसार, राजीव गांधी ने युद्ध रोकने के लिए भारतीय सेना को श्रीलंका में तैनात कर दिया. लेकिन इस समझौते के बीच में एक अड़चन बनी हुई थी जिसका नाम था लिट्टे. लिट्टे नही चाहता था कि भारत की शांति सेना को श्रीलंका भेजा जाए. शांति सेना भेजे जाने से पहले लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन दिल्ली में राजीव गांधी से मिलने आया था. राजीव उसके साथ सख्ती से पेश आए. प्रभाकरन ने तमिल हितों की खातिर राजीव की बात मानने से इंकार कर दिया तो राजीव ने प्रभाकरन को 5 स्टार होटल अशोका में बात मानने तक नज़रबंद करा दिया. प्रभाकरन ने भी मन मारकर झूठ-मूठ की हाँ भर दी. जब प्रभाकरन सारी बातें मान गया तो उसे श्रीलंका जाने की इजाजत दी गई. इस घटना के बाद प्रभाकरन राजीव का जानी दुशमन बन गया और अब तो बस राजीव को मारने के मौके का इंतजार करने लगा।

13. जब वी प्रभाकरन राजीव से मिलने दिल्ली आए थे तो चलते समय राजीव गांधी ने उन्हें एक पर्सनल गिफ्ट दिया था, अपनी बुलेट प्रूफ जैकेट।

14. Q. राजीव गांधी ने लिट्टे को सपोर्ट क्यों नही किया ?
Ans. ट्रेनिंग लेने के लिए 5 संगठन भारत आए थे PLOTE, TELO, EPRLF, EROS, LTTE. ये सभी संगठन वो काम करते थे जो भारत कहता था लेकिन कुछ दिनों बाद LTTE ने भारत की बातें मानने से मना कर दिया. लिट्टे अपने सैनिकों के साथ वापिस श्रीलंका चला गया. अब लिट्टे से लड़ने के लिए भारत ने IPKF जवान श्रीलंका भेजे लेकिन कुछ सफलता नही मिली और लिट्टे के कारण भारत ने अपने 1200 IPKF जवान खो दिए. यही दो प्रमुख वजह थी।

15. पाठको, राजीव गाँधी की मौत की पूरी कहानी सुनो..

Ans. चुनाव का प्रचार जोर-शोर से हो रहा था. 21 मई 1991 को राजीव गांधी एक रैली को संबोधित करने के लिए चेन्नई से 30 किलोमीटर दूर श्रीपेरंबुदूर में पहुंचे. हाथों में माला लिए हजारों लोग खड़े थे. इन्हीं में एक लिट्टे की सुसाइड हमलों के लिए बनी काली बाघिन विंग की मेंबर धनु भी थी. सलवार सूट पहने नजर के चश्में लगाएँ, ये लड़की अपने देश की नही थी बल्कि श्रीलंका की थी. स्टेज के सामने डी शेप का घेरा बना हुआ था जहाँ सिर्फ VIP को आने की इजाजत थी. हाथ में चंदन की माला लिए धनु आगे बढ़ती है तो तमिलनाडु की सब इंस्पेकटर अनसुइया (जिसकी ड्यूटी रैली ग्राउंड में लगी हुई थी) धनु को हाथ पकड़कर आगे बढ़ने से रोकती है. धनु पलटने ही वाली थी कि राजीव गांधी की आवाज आती है कि सबको आने दो. फिर आगे बढ़कर धनु जैसे ही राजीव गांधी के पैर छूती है तो इसी के साथ बम फट जाता है और राजीव गांधी समेत 17 लोगो की मौत हो जाती है. यही थीं राजीव गाँधी की मौत की असली 

डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के बारे में


आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख़्स की जिसका जन्म हुआ अछूत जाति में, लेकिन उसने दुखी होकर मरने से पहले धर्म बदल लिया. जिसने पूरी उम्र देश की अनुसूचित जातियों को हक दिलाने में बिता दी. लेकिन पूरे सफल ना हो सके. जी हम बात कर रहे है मेहनत, संघर्ष और सफलता की मिसाल डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की. आइए इनके बारे में डिटेल से जानते है So let’s begin…

1. 14 अप्रैल 1891, के दिन मध्यप्रदेश के महू गांव में रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई के घर चौदहवीं और आखिरी संतान पैदा हुई थी. नाम रखा गया ‘भीमराव अंबाडवेकर’. जो समय के साथ-साथ ‘बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर’ बन गया.

2. भीमराव अम्बेडकर हिंदू महार जाति के थे. जिसे अछूत माना जाता था.

3. अंबेडकर की शादी 1906 में नौ साल की रमाबाई से हुई थी. 1908 में वे एलफिंस्टन कॉलेज में दाखिला लेने वाले पहले दलित बच्चे बनें.

4. भीमराव अम्बेडकर करीब 9 भाषाएँ जानते थे. उन्होनें 21 साल तक लगभग सभी धर्मों की पढ़ाई भी की थी.

5. अंबेडकर के पास कुल 32 डिग्री थी. वो विदेश जाकर अर्थशास्त्र में P.H.D. करने वाले पहले भारतीय थे. नोबेल प्राइज जीतने वाले अमर्त्य सेन अर्थशास्त्र में इन्हें अपना पिता मानते थे.

6. भीमराव अंबेडकर पेशे से वकील थे. वो 2 साल तक मुंबई के सरकारी लाॅ काॅलेज में प्रिंसिपल भी बनें.

7. झंडे में अशोक चक्र लगवाने वाले भीमराव अम्बेडकर ही थे.

8. आजकल फैक्ट्रियों में 8 घंटे काम होता है ये सब भीमराव की ही देन है. इससे पहले 12-14 घंटे काम करना पड़ता था.

9. भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माण करने वाली समिति के अध्यक्ष थे. इसलिए इनको संविधान का निर्माता कहा जाता है.

10. भीमराव अम्बेडकर आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे.

11. डाॅ. भीमराव, कश्मीर में लगी धारा 370 के बिल्कुल खिलाफ थे. सरदार पटेल और कांग्रेस भी इसके एंटी थे लेकिन इस धारा को लगवाने में नेहरूका हाथ था.

12. बाबा साहेब ने 50 के दशक में कहा था कि बिहार और मध्यप्रदेश का विभाजन कर दो. उस समय उनकी किसी ने नही सुनी. फिर सन् 2000 में विभाजन करना पड़ा और नए राज्य झारखंड व छतीसगढ़ बनें.

13. भीमराव अंबेडकर ने जिंदगी में 2 बार लोकसभा चुनाव लड़ा. लेकिन दोनों बार हारें.

14. जब अम्बेडकर को लगने लगा कि मैं हिंदू धर्म से जातिप्रथा दूर नही कर सकता तो उन्होनें गुस्से में एक बात कही थी ‘मैं हिंदू पैदा तो हुआ था लेकिन हिंदू मरूंगा नही’. और वही हुआ.

15. भीमराव अंबेडकर ने हिन्दू धर्म छोड़ते समय 22 वचन भरे थें. उन्होनें कहा था, मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते है, कि कभी पूजा नही करूंगा.

16. अम्बेडकर ने 1956 में अपना धर्म बदलकर बौद्ध धर्म अपना लिया था. जिसके कारण, उनके साथ लाखों दलितों ने ऐसा किया.

17. आखिरी दिनों में बी आर अंबेडकर डायबिटिज़ से बुरी तरह बीमार हो गए थे. 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में उनका निधन हो गया.

18. मौत के 34 सालों बाद 1990 में अंबेडकर को भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार भारत रत्न दिया गया.

19. क्या देश में आरक्षण की शुरूआत भीमराव अंबेडकर ने की ?

Ans. दरअसल, देश में आरक्षण की शुरूआत अंबेडकर ने नही बल्कि कोल्हापुर के महाराजा छत्रपति साहूजी महाराज ने 1901 में पिछड़े वर्ग से गरीबी दूर करने के लिए की थी. उसके बाद ये चलता रहा और 1943 में अंबेडकर ने नेशनल लेवल पर अनुसूचित जातियों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण की मांग की. ये सपना पूरा हुआ अंबेडकर के संविधान समिती का अध्यक्ष बनने के बाद. शुरूआत में सिर्फ 10 साल के लिए आरक्षण दिया गया. लेकिन उसके बाद से इसे बढ़ाया ही जा रहा है.

20. क्या गांधी ने अंबेडकर के पैर छुए थे ?


Ans. आज मौका भी है, दस्तूर भी है. सच जान लो. इंटरनेट पर ये तस्वीर खूब शेयर हो रही है जिसमें महात्मा गांधी अंबेडकर के पैर छूते नजर आ रहे है.दरअसल, ये दोनों अलग-अलग फोटो है. एक फोटो है अंबेडकर की अपनी फैमिली के साथ. दूसरी फोटो है साल 1930 की. जब गांधीजी डांडी मार्च के लिए धरती में से नमक उठा रहे थे. हुआ ये कि एक बंदे ने फोटोशाॅप से कलाकारी कर डाल और दोनों तस्वीरों को मिला दिया. कुल मिलाकर गांधी की अंबेडकर के पैर छूती तस्वीर झूठी है…

चाणक्य के बारे में



आज हम बात करेंगे एक ऐसे आदमी की जिससे बड़ा राजनेता आज तक हुआ ही नही. जिसकी नितियाँ, जिसके कोट्स आज भी लोग मन लगाकर पढ़ते है. इनका नाम था ‘ आचार्य चाणक्य ’।

1. चाणक्य का जन्म 371 ईसा पूर्व में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ. पिता का नाम था ‘चाणक’ जो एक शिक्षक थे, यही से उनका नाम पड़ा ‘चाणक्य’. इनका गोत्र था ‘कोटिल’ यही से इनका दूसरा नाम पड़ा ‘कौटिल्य’. इनके पिता ने इनका असली नाम रखा था ‘विष्णुगुप्त’।

2. आचार्य चाणक्य ‘तक्षशिला युनिवर्सिटी’ में पढ़े थे. बाद में रही पर शिक्षक भी बने. चाणक्य की रूचि बचपन से ही राजनीतिक में थी.

3. अध्यापक बनने के बाद चाणक्य पाटलिपुत्र चले गए. वहाँ जाकर मगध साम्राज्य के नंद वंश के न्यायालय में विद्वान बनें. एक दिन चाणक्य और राजा धनानंद के बीच लड़ाई हो गई, राजा ने अदालत में ही चाणक्य की बेइज्जती कर दी. चाणक्य ने तभी अपनी चोटी खोल दी और बोला जब तक नंद साम्राज्य का नाश नही कर दूंगा तब तक चोटी नही बांधूगा.

4. इसके बाद, चाणक्य ने चन्द्रगुप्त मौर्य को चुना और केवल 19 साल की उम्र में इसे सत्ता में उतार दिया. यहीं से मौर्य साम्राज्य की शुरूआत हुई जो बाद में धनानंद की हार का कारण बना. चाणक्य की राजनिति और फिलाॅसपी पर अच्छी पकड़ होने के कारण मौर्य साम्राज्य भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य बन सका.

5. चाणक्य बहुत ही बुद्धिमान आदमी था वह ऐसे प्लान बनाता था कि हर स्थिति में सैंकड़ो बैकअप हो. मतलब, कंडीशन चाहे कैसी भी बन जाए उसका बचाव पक्का था. वह बहुत आगे तक की सोच सकता था.

6. चाणक्य को दवा और खगोल विज्ञान का भी पूरा ज्ञान था. उसे ‘समुंद्र शास्त्र’ में महारत हासिल थी, जिससे वह किसी व्यक्ति के चेहरे के भावो को देखकर ही बता देते थे कि सामने वाला क्या सोच रहा है.

7. चाणक्य ने हमेशा कहा कि महिलाओं पर भरोसा नही करना चाहिए. वो कम नैतिक चरित्र और झूठ बोलने वाली होती है. लेकिन यह सभी महिलाओं के लिए लागू नही होती. उनके अनुसार, ‘एक अच्छी महिला वह है जो पवित्र है, घर के काम में निपुण और अपने पति के लिए सच्ची और वफादार हो’. वह ये नही कहते कि हर महिला बुरी है और ना ही ये दर्शाते कि हर पुरूष निर्दोष है.

8. ‘Chanakya Niti’ इतनी जबरदस्त है कि आज भी दुनिया और भारत के नेता विदेशी संबंधो को अच्छा बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करते है.

9. चाणक्य ने सिकंदर महान से लड़ने के लिए भारत के सभी राज्यों को एकजुट किया था. उन्होनें युवा लडकियों की एक सेना भी बनाई जिसका नाम था ‘विषकन्या’. चाणक्य ने इन लडकियों को दुशमन को मारने और चूमने के लिए इस्तेमाल किया क्योंकि इनके चुंबन में भी ज़हर होता था.

10. आचार्य चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को भोजन के माध्यम से थोड़ा-थोड़ा जहर दिया, ताकि दुशमन के जहरीलें हमलों का उस पर कोई असर ना हो. (मतलब खाने में जहर का कोई असर ना पड़े). एक दिन चन्द्रगुप्त ने अपनी रानी के साथ खाना साझा कर लिया जो 9 महीनें की गर्भवती थी. वह ज़हर से मर गई. लेकिन चाणक्य ने उसका पेट काटकर बच्चे को बचा लिया. इस बच्चे का नाम रखा गया ‘बिंदुसार’।

11. जिंदगी के आखिरी दिनों में चन्द्रगुप्त तपस्या में लीन हो गए और बिंदुसार को राजा बनाया गया. चाणक्य अभी भी बिंदुसार के सलाहकार बने रहे. लेकिन चाणक्य और बिन्दुसार के बीच दुशमनी पैदा करने के लिए एक कसूती साज़िश रची गई. इस साज़िश का मास्टरमाइंड था, बिंदुसार का मंत्री ‘सुबंधु’. बिन्दु ने चाणक्य को बहुत ज्यादा सम्मान दिया था यह सुबंधु को पसंद न था. सुबंधु ने किसी तरह बिन्दुसार को ये विश्वास दिला दिया कि चाणक्य ने ही तुम्हारी माँ को मारा था. फिर क्या था बिंदुसार ने बिना पूरा मामला जानें, चाणक्य पर गुस्सा हो गए. तो चाणक्य घर बार छोड़कर जंगल चले गए और खाना-पीना छोड़ दिया. जब बिंदुसार को हकीकत का पता लगा तो वो शर्मिंदा हुए और उनको मनाने गए. लेकिन वो माने नहीं और वहीं भूखे प्यासे घूमते हुए देह छोड़ दी.

12. क्या सम्राट अशोक कभी चाणक्य से मिले थे ?
Ans. इस बात का कोई लिखित सबूत तो नही है लेकिन मैनें कुछ कैल्कुलेशन कि है जिससे ये संभव है कि राजा अशोक और चाणक्य की मुलाकात हुई थी.
चाणक्य – 371 ईसा पूर्व में जन्मे और 283 ईसा पूर्व में मृत्यु हो गई
बिंदुसार (अशोक के पिता) – 320 ईसा पूर्व में जन्मे और 273 ईसा पूर्व में मृत्यु हो गई
अशोक (बिंदुसार के बेटे) – 304 ईसा पूर्व में जन्मे, 269 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया और 232 ईसा पूर्व में मृत्यु हो गई.
इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जब तक अशोक 21 साल का था, तब तक चाणक्य जीवित था. इसके अलावा, यह अच्छी तरह से ज्ञात है कि चाणक्य बिंदुसार के सलाहकार थे. इसलिए सम्राट अशोक का आचार्य चाणक्य से मिलना संभव हैं.

टाइटैनिक जहाज के बारे में


टाइटैनिक जहाज में जनता का शुरू से ही जबरदस्त इंटरेस्ट रहा है. टाइटैनिक पर, वो सबकुछ था जितना उस वक्‍त एक पैसे वाला व्‍यक्ति कल्‍पना कर सकता था. इसमें लोगो का इंटरेस्ट हो भी क्यूँ ना… इंसान ने ये चीज ही ऐसी बनाई थी. आज हम बात करेंगे उस टाइटैनिक की जिसे कभी न डूबने वाला जहाज कहा जाता था.

1. जब टाइटैनिक बनकर तैयार हुआ तब यह दुनिया की सबसे बड़ी चलने वाली चीज थी. यह 882 फीट यानि फुटबाॅल के 3 मैदान जितना लंबा और 17 माले की बिल्डिंग जितना ऊँचा था. यदि इसे सीधा खड़ा कर दिया जाता तो यह उस समय की हर इमारत से ऊँचा होता.

2. Titanic जहाज का पूरा नाम था ‘RMS Titanic’ (RMS stands for Royal Mail Ship). इसे बनाने वाली कंपनी का नाम था ‘White Star Line’.

3. टाइटैनिक जहाज नार्थ आयर्लैंड के बेलफास्ट में 31 march, 1909 को तीन हजार लोगो की टीम ने बनाना शुरू किया था. 26 महीनों बाद 31 may, 1911 को यह बनकर तैयार हुआ. इसे बनाते समय 246 लोगों को चोट लगी और 2 लोगों की मौत हुई. 31 मई, 1911 को जब यह पूरा बनकर तैयार हुआ तब इसे देखने के लिए 1 लाख लोग आए थे.

4. 1912 में टाइटैनिक बनाने वाले, कुशल कारीगरों को एक हफ्ते के 10 डाॅलर व अकुशल कारीगरों को एक हफ्ते के 5 डाॅलर मिलते थे.

5. 10 April, 1912 को टाइटैनिक इंग्लैंड के साउथम्पटन से न्यूयार्क की तरफ अपनी पहली और आखिरी यात्रा के लिए रवाना हुआ. यह रास्ते में दो जगह रूका. Cherbourg, northern France में और Cobh, Ireland में. सफर के चौथे दिन यह उत्तरी अटलांटिक सागर में एक हिमपर्वत से टकरागया. तब यह जमीन से 640 किलोमीटर दूर था.

6. इतिहास में Titanic अकेला ऐसा जहाज हैं जो Icebarg (हिमखंड) के टकराने से डूबा. 14 April, 1912 की रात 11 बजकर 40 मिनट पर टाइटैनिक उत्तरी अटलांटिक सागर में बर्फ के एक बड़े से टुकड़े से टकराया था. (आप ऊपर Iceberg की और जहाँ से जहाज की टक्कर हुई थी वो फोटो देख सकते हो लाल सर्कल वाली जगह से जहाज में टक्कर के बाद पानी भरना शुरू हुआ था). टक्कर के 2 घंटे 40 मिनट बाद यह पूरी तरह डूब चुका था. इसके डूबने की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा थी और इसे समुंद्र की आखिरी सत्तह तक पहुंचने में मात्र 15 मिनट लगी.

7. जब आफिसर्स को आइसबर्ग दिखाई दिया तब उनके पास action लेने के लिए महज 37 second बचे थे. Iceberg दिखते ही 1st officer ‘Murdoch’ ने जहाज को left मोड़ने का और इंजन रूम को इंजन रिवर्स चलाने का आर्डर दिया और जहाज को left मोड़ भी दिया गया था लेकिन ये उस आइसबर्ग से बचने के लिए काफी नही था. यदि 30 second और पहले पता लग जाता तो शायद टाइटैनिक को बचाया जा सकता था.

8. Iceberg थोड़ा पहले भी दिखाई दे जाता लेकिन टाइटैनिक के क्रू मेंबर के पास दूरबीन नही थी. ये एक लाॅकर में रखी थी जिसकी चाबी गुम हो गई थी.

9. जब Titanic ने emergency signal भेजे, तब Californian नाम का जहाज उसके सबसे नजदीक था. लेकिन टाइटैनिक का wireless operator लगभग खराब हो चुका था. ऐसा माना जाता है कि यदि कैलीफोर्नियन का रिप्लाई आ जाता तो ओर ज्यादा जान बचाई जा सकती थी.

10. जहाज के धीरे-धीरे डूबने की खबर मिलने के बावजूद भी इसके म्यूजिशियन आखिरी साँस तक गाना बजाते रहे ताकि वो और कुछ समय बाद मरने वाले लोग अपने आखिरी पलों को खुशी से बिता सके.

11. टाइटैनिक जहाज पर डूबने वालो में सबसे ज्यादा पुरूष थे. क्योंकि इस मुश्किल की घड़ी में कुछ समझदार लोग निकलकर आगे आए और लोगो को किश्तियों में बैठाते समय ‘महिला और बच्चे पहले’ ये प्रोटोकाॅल फाॅलो किया गया. जहाज पर मौजूद नौ कुत्तों में से दो कुत्ते भी जिंदा बचा लिए गए थे.

12. लाइफबोट, 1st class की टिकट लेने वाले लोगों के सबसे नजदीक थी. इसलिए 1st class के 60%, 2nd class के 42% और 3rd class के सिर्फ 25% यात्री जिंदा बच पाए.

13. Titanic को 64 lifeboats (छोटी किश्तियाँ) ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था. लेकिन 20 लाइफबोट ही ले जाई गई ये सभी लोगों को बचाने के लिए काफी नही थी लेकिन यदि सभी लाइफबोट पूरी तरह से भरी जाती तो 1178 लोगो की जान बचाई जा सकती थी, जबकि 706 ही बच पाए. कारण ये रहा, कि कुछ किश्तियाँ थोड़े से लोग ही लेकर भाग गए. जैसे:- लाइफबोट 1 में 40 लोग आ सकते थे लेकिन सात क्रू मेंबर और पाँच पैसेंजर इसे लेकर भाग गए. वैसे ही लाइफबोट 7 में 65 लोग आ सकते थे लेकिन इसे भी 24 लोग ही लेकर चल दिए.

14. जिस जगह पर टाइटैनिक डूबा था, वहाँ पानीका तापमान -2°C था. जिसमें कोई भी व्यक्ति 15 मिनट से ज्यादा जिंदा नही रह पाया.

15. एक अनुमान के अनुसार जहाज पर 2,222 लोग सवार थे. जिनमें से 1314 यात्री और 908 क्रू मेंबर थे. इनमें से 1500 से ज्यादा आदमी डूब गए और 706 बच गए, अभी तक इनमें से 337 लोगो की ही लाशें मिल पाई है.

16. Titanic के यात्रियों के पास कैश, ज्वैलरी समेत 60 लाख डाॅलर का सामान था.

17. 13 नवविवाहित जोड़े टाइटैनिक पर हनीमून मनाने के लिए आए थे.

18. टाइटैनिक के बोर्ड पर हर दिन ‘Atlantic Daily Bulletin’ समाचार पत्र प्रकाशित होता था. इसमें न्यूज, विज्ञापन, स्टाॅक की कीमतें, घोड़ों की रेस के परिणाम से लेकर दिन के मेन्यू तक सब कुछ छपता था.

19. Titanic में लगी सीटी को 16 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता था.

20. टाइटेनिक पर यात्रियों और स्‍टॉफ को खाने के लिये 39,000 किलो मीट, 40 हजार अंडे, 40 टन आलू, 1,590 किलो प्‍याज, 36,000 सेब मौजूद थें. जहाज पर हर रोज 63,000 लीटर पानी की खपत्त होती थी.

21. Full load होने के बाद Titanic का वजन46,326 टन था (करीब 4 करोड़ 63 लाख 26 हजार किलो). इतने वजन के बावजूद भी यह 42 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता था.

22. टाइटैनिक पर एक दिन में 600 टन यानि 6 लाख किलो कोयला जलाया जाता था. 176 आदमी अपने हाथों से ये कोयला भठ्ठी में डालते थे. हर 24 घंटे में 1 लाख किलो राख समुंद्र में बहाई जाती थी.

23. जहाज का इंजन 46,000 हार्स पाॅवर की ऊर्जा पैदा करता था. यह boeing 777 विमान के इंजन की आधी है.

24. Titanic की चार चिमनियां थी, इनमें से सिर्फ तीन से धुआं निकलता था. चौथी चिमनी नकली थी ये जहाज को ओर मजबूत व खूबसूरत दिखाने के लिए लगाई गई थी.

25. दिन 1 Sept. 1985, आखिर डूबने के 73 साल बाद Titanic का मलबा ढूंढ ही लिया गया. यह समुंद्र में 12,600 फीट की गहराई पर मिला.

26. अपने आखिरी पलों में टाइटैनिक के बीच से टूटकर दो टुकड़े हो गए थे. ये दोनों टुकड़े आज भी समुंद्र में पड़े है और इनके बीच की दूरी 600 मीटर है. वैज्ञानिक अभी तक स्पष्ट रूप से नही बता पाए कि जहाज के दो टुकड़े क्यूँ हुए थे.

27. जिस Iceberg की वजह से Titanic डूबा, वह 10,000 साल पहले ग्रीनलैंड के एक गलेशियर सेअलग होकर आया था. यह 100 फीट ऊँचा था. टक्कर के दो हफ्ते बाद यह भी नष्ट हो गया क्योंकि इसको भी काफी नुकसान पहुंचा था.

28. टाइटैनिक के डूबने के साथ इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को भी गहरा झटका लगा था. क्योंकि इसमें सफर करने वाले सबसे ज्यादा अमीर आदमी इंग्लैंड के थे, ‘John Jacob Astor IV’ जो जहाज पर सबसे अमीर आदमी था वह भी इंग्लैंड का ही था. उस समय इसकी कुल संपत्ति $85 million थी.

29. 1997 में एक मूवी आई थी “Titanic”, जिसका बज़ट ‘Titanic जहाज’ से भी ज्यादा था. जहाज को बनाने में 75 लाख डाॅलर (करीब 48 करोड़ रूपए), जबकि मूवी को बनाने में 20 करोड़ डाॅलर (करीब 12 अरब रूपए) का खर्च आया था. यह फिल्म कमाई के मामले में world में 2nd नंबर पर है (1st पर Avatar). इसने 2 अरब डाॅलर की कमाई की. इतने पैसों से आज 5 टाइटैनिक बनाए जा सकते है.

30. Titanic फिल्म ने 11 Oscars अवार्ड जीतें, लेकिन acting के लिए इनमें से एक भी नही है.

31. ‘Millvina Dean’ टाइटैनिक दुर्घटना में बचने वाली आखिरी जिंदा इंसान थी. ये भी 31 may, 2009 को 97 साल की उम्र में मर गई. यह टाइटैनिक पर सबसे छोटी थी और इसकी उम्र 2 महीने थी.

32. Titanic क्रैश होने के बाद जो जापानी बच गए थे उनके परिवार को जापान के लोग आज भी कायर कहते हैं Q कि वो उनके पूर्वज अन्य लोगो के साथ नही मरे.

33. टाइटैनिक के टट्टीघर का पोट भी निकल आए तो लाखो में बिकता है. 31 march, 2012 को टाइटैनिक के फर्स्ट क्लास का मेन्यू 62 लाख में बिका.

34. टाइटैनिक में कुछ लोग ऐसे भी थे, जो इसमें सफर नही करना चाहते थे. दरअसल कोयले की कमी के कारण इसकी कंपनी व्हाइट स्टार लाइन ने ओशिएनिक और एड्रियाटिक नाम के दो जहाजो की यात्रा रद्द करनी पड़ी थी और इन दोनों जहाजों के यात्रियों को टाइटैनिक में शिफ्ट कर दिया गया था.

35. Titanic जहाज की टिकट का रेट कितना था ? 1st class, 2nd class, 3rd class के लिए क्या-क्या फैसिलिटी थी ?

Ans. Titanic में 1st class में सफर करने के लिए उस समय 4,350 डॉलर (करीब 2 लाख 70 हजार रुपए) चुकाने पड़ते थे. 2nd class के लिए 60 डॉलर (करीब 4 हजार रुपए) और 3rd class के लिए 30 डॉलर (करीब दो हजार रुपए) की रकम चुकानी पड़ती थी. 1st class यात्रियों के लिए 20,000 बीयर की बोतलें, 1,500 शराब की बोतलें व 8,000 सिगार थे. जहाज पर 2 library थी, एक फर्स्ट क्लास के लिए व एक सेकेंड क्लास के लिए. इतने बड़े जहाज पर केवल 6 toilets थी. 3rd class के 700 यात्रियों के लिए केवल 2 बाथरूम थी और 3rd class के यात्रियों को हर समय इंजन की तेज आवाज सुनाई देती थी.

मिलते है ऐसी ही धाकड़ पोस्ट के साथ तब तक के लिए दूसरी पोस्ट भी पढ़े. 

एटम बम, परमाणु बम, न्यूक्लियर वैपन्स, नाभिकीय हथियार


हमने परसों हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले की भयानक जानकारी पेश की थी. किए हुए वादे के अनुसार आज मैं आपको एटम बम, परमाणु बम, न्यूक्लियर वैपन्स, नाभिकीय हथियारetc. सबके बारे में डिलेट में जानकारी और कुछ खौफनाक सवालों के जवाब देने वाला हूँ.

1. यदि 15 किलोटन के 100 न्यूक्लियर बमों का इस्तेमाल धरती पर हो जाए तो आसमान में काला धुंआ छा जाएगा, सूरज की रोशनी ठीक से धरती पर नही पहुंच पाएगी, आधी ओजोन लेयर खत्म हो जाएगी और ऐसी बीमारियों का जन्म हो जाएगा जिनका हम अंदाजा भी नही लगा सकते.

2. परमाणु बम का अविष्कार, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मैनहट्टन प्रोजेक्ट में काम करने वाले वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था. ‘Robert Oppenheimer’ इस प्रोजेक्ट के डाॅयरेक्टर थे इन्हें ‘परमाणु बम का पिता’ भी कहा जाता है.

3. पहला परमाणु बम परीक्षण 16 July, 1945 को सुबह साढे पांच बजे न्यू मैक्सिकों के अलमोगार्डो में किया गया था. इस बम को ‘The Gadget’ नाम दिया गया था. इसमें 20 किलोटन TNT का प्रयोग किया गया था जिससे धमाका होने पर 600 मीटर ऊंची मशरूम जैसी आकृति बनी थी.

4. जो मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने का कार्य करती है उनकी स्पीड 7 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है. यानि, 400km/minute.

5. इस समय दुनिया के नौ देशों के पास लगभग 14,900 से ज्यादा परमाणु हथियार है. इनमें से 93% रूस और अमेरिका के पास है. ये पूरी मानव जाति को कई बार खत्म करने में सक्षम है.

6. किसी और देश के मुकाबले रूस के पास सबसे ज्यादा लगभग 7000 परमाणु हथियार है. इसके बाद अमेरिका (6800), फ्रांस (300), चीन (260), इंग्लैड (215), पाकिस्तान (120-130), भारत (110-120), इजरायल (80) और नार्थ कोरिया (10 से कम) का नंबर आता है.

7. न्यू मैक्सिकों में जहाँ दुनिया का पहले परमाणु बम का परीक्षण किया गया था आज उस जगह पर परमाणु बम संग्रहालय बना हुआ है. ‘ट्रिनिटी साइट’ नाम से मशहूर यह म्यूजियम साल में केवल 12 घंटे खुलता है. एक बार अप्रैल के पहले शनिवार को और एक बार अक्टूबर के पहले शनिवार को. इसकी खुलने की टाइमिंग 8am से 2pm है.

8. 1950 के आस-पास परमाणु बमों का परीक्षण करना ‘लाॅस वेगास’ शहर के पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया था. मेन सिटी से 80 किलोमीटर दूर ये परीक्षण किए जाते थे. पूरे शहर में परमाणु बम की मशरूम जैसी आकृति देखकर पार्टियाँ मनाई जाती थी. इसके चलते लाॅस वेगास शहर को ‘Atomic City’ भी कहा जाने लगा था.

9. अमेरिका परमाणु हथियार बनाने वाला पहला देश है. यह एकमात्र ऐसा देश भी है जिसने युद्ध के लिए परमाणु बम का इस्तेमाल किया. यह अकेला अपने परमाणु हथियारों पर सभी देशों द्वारा मिलाकर किए गए कुल खर्च से भी ज्यादा खर्च करता है.

10. शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने एक एटम बम चंद्रमा पर गिराने की भी सोची थी ताकि वे अपनी सेना की शक्ति का प्रदर्शन कर सके.

11. 1958 में, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक न्यूक्लियर बम जाॅर्जिया के समुंद्र तट पर खो गया था. यह 2016 में कुछ पर्यटक गोतोखोरों को मिल गया. उन्होनें तुरंत 911 पर काॅल करके इस 3.9 मेगाटन के बम को डिफ्यूज करवा दिया.

12. 5,00,00,00,000 किलोग्राम के परमाणु बम में इतनी विस्फोटक शक्ति होती है जितनी पूरे दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान प्रयोग की गई थी.

13. एक बड़े पैमाने की परमाणु लड़ाई होने से 150 मिलियन टन धुंआ वातावरण में फैल जाएगा. जिसकी वजह से शीत युग से भी अधिक ठंड हो जाएगी.

14. सीटी स्कैन कराने से आपके शरीर पर रेडियोएक्टिव रेडिएशन का उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना हिरोशिमा विस्फोट के समय डेढ किलोमीटर दूर खड़े आदमी के शरीर पर पड़ा था. एक सीटी स्कैन से हमारे शरीर में 1-10 millisieversts तक रेडिएशन पहुंचती है.

15. परमाणु बम कितनी आवाज पैदा कर सकते है ?

परमाणु बम इतनी आवाज पैदा कर सकते है कि हमारे कानों के पर्दे फट जाए. परमाणु विस्फोट की तरंगे सुपरसोनिक होती है. यदि आप हमले वाली जगह पर ठीक बीच में खड़े हो तो धमाके की आवाज सुनने से पहले ही आपकी मौत हो जाएगी. परमाणु बम 240 से 280 dB तक की आवाज पैदा कर सकते है जबकि इंसान के कान सिर्फ 120 dB तक की आवाज सुन सकते है. धरती पर सबसे ज्यादा आवाज परमाणु बम ही करते है इसके बाद ज्वालामुखी का नंबर आता है.

16. क्या परमाणु बम भी Expire होते है ?

हाँ, परमाणु बम भी एक्सपायर होते है. लगभग सबकुछ जो मानव निर्मित है उसकी एक समय सीमा होती है. परमाणु बमों की समाप्ति तारीख इस चीज पर निर्भर करती है कि इसमें किस पदार्थ का प्रयोग किया गया है. इसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को हाफ लाइफ के बाद बदलना होता है जैसे ट्रिटियम की हाफ लाइफ 12.3 साल, प्लूटोनियम की 24,100 साल, यूरेनियम की 4 अरब साल और थोरियम की 14 अरब साल होती है. समय-समय पर कुशल इंजीनियर इन्हें देखते रहते है और जिस चीज में थोड़ा-सा भी डिफेक्ट मिलता है उसे बदल देते हैं.

17. यदि पानी के अंदर परमाणु बम फोड़ दिया जाए तो क्या होगा ?

पानी की सत्तह के नीचे होने वाले परमाणु विस्फोट को “UNDEX” कहा जाता है. पानी के भीतर विस्फोट के प्रभाव कई चीजों पर निर्भर करता है, जिसमें विस्फोट से दूरी, विस्फोट की ऊर्जा, विस्फोट की गहराई और पानी की गहराई शामिल है. यदि पानी में परमाणु बम फोड़ दिया जाए तो आसपास के सारे तटीय जीव मर जाएगे. पानी में काफी रेडियोधर्मी तत्व मिल जाएगे. पानी के अंदर विस्फोट से उठने वाली तरंगे और सुनामी या भूकंप के दौरान उठने वाली तरंगे अलग-अलग होती है.

18. यदि आइंस्टीन पैदा नही होते तो क्या फिर भी हमारे पास परमाणु हथियार होते ?

अगर बीसवीं सदी के सबसे प्रसिद्द वैज्ञानिक आइंस्टीन कभी जन्मे ना होते तो हमारे पास परमाणु हथियार नही रहते, यह केवल एक मिथ है. क्योंकि विकास कभी रूकता नही है. आइंस्टीन को अगर हम किसी भी तरीके से इतिहास से गायब कर दें तो बहुत कम नाभिकीय हथियार प्रभावित होंगे क्योंकि वे नाभिकीय हथियारों के कोई मुख्य कर्ता-धर्ता नहीं थे. ये मिथ इसलिए पैदा हुआ, क्योंकि उस समय आइंस्टीन की इक्वेशन E=mc2 ज्यादा प्रसिद्ध थी और ज्यादातर लोग इसी सूत्र को नाभिकीय हथियारों को बनाने में मुख्य मानने लगे थे. उन्होनें ऊर्जा के बारे में जरूर लिखा परन्तु निर्मित करने की थ्योरी नहीं दी जिससे स्पष्ट है कि नाभिकीय हथियारों के उत्पादन से उनका कोई भी सीधा रिश्ता था ही नहीं.

ये तो हो गई एटम बम, परमाणु बम, न्यूक्लियर हथियार की जानकारी. जल्द ही हाइड्रोजन बम की भी पोस्ट डाली जाएगी. क्या न्यूक्लियर युद्ध में सब मारे जाएगे ? यदि परमाणु युद्ध होता है तो धरती की सबसे सेफ जगह कौन-सी होगी ? इन सवालों के जवाब आपको जल्द ही हमारी blog akash9888.blogspot.com पर मिलेगी आप तब तक वेट करिए. आपको बता दिया जाएगा.

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