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Wednesday, 27 September 2017

विराम एवं गति

विराम एवं गति

विराम(Rest) किसे कहते है

यदि कोई पिण्ड समय के साथ अपना स्थान नहीं बदले तो उस स्थिति को विराम कहते है यदि वह अपने बिंदु से ना हिले तो उस अवस्था को विराम अवस्था कहा जायेगा

अब हम जानेंगें गति के बारे में कि गति(Motion) किसे कहते है
यदि कोई वस्तु अपनी जगह स्थिर संकेत बिंदु से समय के साथ-साथ बदले तो वह वस्तु गति में समझी जायेगी
 
एक विमा में गति – सीधी रेखा पर की गई गति एकविमीय गति कहलाती है उदाहरण-लंबी व सीधी सडक पर गतिशील कार की गति

किसी भी वस्तु में अलग अलग तीन प्रकार की गति हो सकती है
 
स्थानांतरित गति- यह गति तब उत्पन्न होती है जब किसी वस्तु के अलग-अलग स्थितियों को जोडने वाली रेखा की दिशा नहीं बदलती है जैसे- ऊँचाई से गिरता पत्थर

चक्रीय गति- यह गति तब उत्पन्न होती है जब किसी गतिशील वस्तु में प्रत्येक बिंदु एक वृत पर घूमता है जैसे- बडे-बडे झूलों की गति

आवर्त गति- आवर्त गति जब उत्पन्न होती है जब कोई गतिशील वस्तु एक नियमित समयांतराल के बाद गति को दोहराता है जैसे- सरल लोलक की गति

दूरी- वह लंबाई जो किसी गतिशील वस्तु द्वरा दिये गये समयांतरल में तय की जाती है इसका मान सदा घनात्मक होता है

विस्थापन- किसी गतिशील वस्तु का एक निश्चित दिशा में स्थान परिवर्तन उस वस्तु का विस्थापन कहलाता है

चाल- किसी गतिशील वस्तु द्वारा प्रति सेकेंड तय की गयी दूरी को चाल कहते है चाल का मान घनात्मक होता है

 चाल = दूरी/समय
 
वेग- एकांक समय में किसी निश्चित दिशा में तय की गयी दूरी ‘वेग’ कहलाती है

वेग = विस्थापन/ समय

वेग पाँच प्रकार के होते है – 1.समरुप वेग 2. असमरुप वेग 3. औसत वेग 4. सापेशिक वेग 5. कोणीय वेग

त्वरण- वेग में प्रति सेकेंड को वेग कहा जाता है त्वरण में दिशा व परिणाम दोंनों होते है इसलिए यह एक ‘सदिश’ राशि है त्वरण समरुप व असमरुप दोंनों प्रकार के होते हैं   

त्वरण = वेग में परिवर्तन/ समयांतराल

संवेग – वह भौतिक राशि जो गतिशील वस्तु के द्रव्यमान व वेग के गुणनफल के बराबर होती है वस्तु का संवेग कहलाती है

संवेग = द्रव्यमान x वेग

 

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